Bruhadaranyaka/C5/S12: Difference between revisions
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प्रवहं वायुपुत्रं च सूर्यसोमौ च विद्युतम् । | प्रवहं वायुपुत्रं च सूर्यसोमौ च विद्युतम् । | ||
Revision as of 09:03, 10 April 2026
यदा वै पुरुषोऽस्माल्लोकात् प्रैति स वायुमागच्छति । तस्मै स तत्र विजिहीते यथा रथचक्रस्य खं तेन स ऊर्ध्वं आक्रमते स आदित्यमागच्छति तस्मै स तत्र विजिहीते यथा लम्बरस्य खं तेन स ऊर्ध्वं आक्रमते स चंद्रमसमागच्छति तस्मै स तत्र विजिहीते यथा दुन्दुभेः खं तेन स ऊर्ध्वं आक्रमते स लोकमागच्छत्यशोकमहिमं तस्मिन् वसति शाश्वतीः समाः ॥
॥ इति बृहदारण्यकोपनिषदि सप्तमाध्याये द्वादशं ब्राह्मणम् ॥
॥ इति बृहद्भाष्ये सप्तमाध्याये द्वादशं ब्राह्मणम् ॥
प्रवहं वायुपुत्रं च सूर्यसोमौ च विद्युतम् ।
प्राप्य प्रधानवायुं च याति तत्परमं पदम् ॥ इति ब्रह्मांडे ।