Bruhadaranyaka/C5/S9: Difference between revisions
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Revision as of 07:05, 9 April 2026
विद्युद्ब्रह्मेत्याहुर्विदानाद् विद्युत् विद्यत्येनं पाप्मनो य एवं वेद विद्युद्ब्रह्मेति विद्युद्ध्येव ब्रह्म ॥
॥ इति बृहदारण्यकोपनिषदि सप्तमाध्याये नवमं ब्राह्मणम् ॥
॥ इति बृहद्भाष्ये सप्तमाध्याये नवमं ब्राह्मणम् ॥ ७ ॥
......... विद्युत्सर्वस्य वेदनात् ।
य एनं वेद वेत्तारं सर्वस्य परमेश्वरम् ॥पादेभ्यो मोचयित्वैनं स्वात्मानं वेदयेद्धरिः ॥ इति माहात्म्ये ।